M/S. AMIT ENTERPRISES,BHOPAL vs. THE DCIT 1(1), BHOPAL
What did the Tribunal hold?
The Tribunal held that the assessee was not given a proper opportunity of being heard, violating the principle of 'audi alteram partem'. Therefore, the assessee should be given another opportunity to present their case.
What were the facts?
The assessee's appeal was dismissed by the CIT(A) for non-appearance. The assessee contended that they did not receive the final notice for hearing and the CIT(A) passed the order before the scheduled hearing date.
What were the issues?
Whether the assessee was provided with a reasonable opportunity of hearing before the CIT(A) passed the appellate order.
Which sections of the Income-tax Act were involved?
AI-generated summary — verify with the full judgment below
आयकर अपील"य अ"धकरण, इंदौर "यायपीठ, इंदौर
"ी च""मोहन गग", "या"यक सद"य तथा "ी ओ.पी.मीना, लेखा सद"य के सम"
आ. अ. सं. 297 / इंदौर/ 2017 "नधा"रण वष" : 2007-08
बनाम "ी मे. अ"मत इंटर"ाईजेस आयकर उपायु"त भोपाल 1(1), भोपाल अपीलाथ" ""यथ"
"था. ले. सं.: एएएफएफए 2074 एफ
अपीलाथ" क" ओर से : सव"ी आशीष गोयल तथा एन.डी. पटवा ""यथ" क" ओर से : "ी मोह"मद जावेद "वभागीय ""त"न"ध
2017 सुनवाई "त"थ : उ"घोषणा "त"थ : 30.05.2017
आदेश
"ी ओ.पी.मीना, लेखा सद"य "वारा
"नधा"रण वष" 2007-08 के "लए "नधा"रती "वारा यह अपील "व"वान आयकर आयु"त (अपील)-I, भोपाल के आयकर अ"ध"नयम,1961 क" धारा 250(6) के अधीन पा"रत आदेश "दनांक 24.03.2017 के "व"" अपील के आधार" म" व"ण"त आधार" पर दा"खल क" गई है ।
2 आ.अ.सं. 297/इ"दौर/2017 मे. अ"मत इंटर"ाईजेस, भोपाल
"करण के सं"""त त"य ये ह" "क "व"वान आयकर आयु"त (अपील) के सम" यह "करण सुनवाई हेतु अलग-अलग तार"ख" को "नयत था । सुनवाई क" तार"ख" पर न तो "नधा"रती क" ओर से कोई उपि"थत हुआ न ह" कोई "यौर" दा"खल "कए गए जैसा "क आयकर आयु"त (अपील) के आदेश से "कट है । अतः "व"वान आयकर आयु"त (अपील) ने अ"भयोजन नह"ं करने के कारण "नधा"रती क" अपील खा"रज क" है।
अपील क" सुनवाई के दौरान, "व"वान "ा"धकृत ""त"न"ध ने इस "यायपीठ के सम" "नवेदन "कया "क "नधा"रती को सुनवाई का समु"चत अवसर "ा"त नह"ं हुआ है । उसने "नवेदन "कया "क अपील"य आदेश "दनांक 24.03.2017 म" "व"वान आयकर आयु"त (अपील) ने सुनवाई का अं"तम नो"टस अपील क" सुनवाई 30.03.2017 को "नयत करते हुए जार" करने का दावा "कया था जो "नधा"रती को 30.03.2017 तक "ा"त नह"ं हुआ था । इसके अ"त"र"त, "व"वान आयकर आयु"त (अपील) ने "दनांक 24.03.2017 को अथा"त सुनवाई क" "नयत तार"ख के पहले ह" अपील"य आदेश पा"रत करते हुए "नधा"रती क" अपील अ"भयोजन नह"ं करने के कारण खा"रज क" थी जो "यायसंगत नह"ं है । अतः "नधा"रती के "व"वान अ"धव"ता ने सुनवाई का एक अवसर देने का अनुरोध "कया । दूसर" ओर, "व"वान "वभागीय ""त"न"ध ने आयकर आयु"त (अपील) के आदेश पर "नभ"रती रखी ।
हमने दोन" प"" को सुना तथा अ"भलेख पर उपल"ध साम"ी का अवलोकन "कया है । हमने पाया "क "व"वान आयकर आयु"त अपील ने "नधा"रती को सुनवाई का अं"तम अवसर देते हुए अपील क" सुनवाई "दनांक 30.03.2017 को "नयत करते हुए नो"टस "दनांक 23.03.2017 जार" "कया था जैसा "क "व"वान आयकर आयु"त (अपील) के आदेश "दनांक 24.03.2017 से "कट है । य"य"प, "व"वान आयकर आयु"त (अपील) ने सुनवाई "दनांक 30.03.2017 के पहले ह" "दनांक 24.03.2017 को अपील"य आदेश पा"रत "कया है । इस
3 आ.अ.सं. 297/इ"दौर/2017 मे. अ"मत इंटर"ाईजेस, भोपाल अपील क" सुनवाई म" "नधा"रती उपि"थत नह"ं रहा था जैसा "क आयकर आयु"त (अपील) के आदेश से "कट है । दूसरे प" क" भी सुनो (audi alteram partem) का "स"ांत "ाकृ"तक "याय क" मूलभूत अवधारणा है । पदबंध “दूसरे प" क" भी सुनो (audi alteram partem)” का अथ" है "क "कसी भी "यि"त को उसके "वयं का बचाव करने का अवसर "दया जाना चा"हए । यह "स"ांत ""येक समाज हेतु अ"नवाय" (sine qua non) है जैसे नो"टस का अ"धकार, "करण तथा सा"य ""तुत करने का अ"धकार, ""तकूल सा"य का खंडन करने का अ"धकार, ""त पर""ण का अ"धकार, "व"धक ""त"न"ध"व का अ"धकार, प" को सा"य "कटन, जांच क" "रपोट" अ"य प" को "दखाया जाना और तक"पूण" "नण"य या सकारण आदेश। हमने पाया "क सुनवाई के अ"धकार को माननीय सव""च "यायालय "वारा मेनका गांधी बनाम यू"नयन ऑफ इि"डया (1978 एआईआर 597; 1 एससीसी 248) के "करण म" "नण"यत "कया गया है, िजसम" माननीय सव""च "यायालय ने अ"भधा"रत "कया है "क कोई भी आदेश पा"रत करने से पहले उ"चत सुनवाई का "नयम आव"यक है । हमने पाया "क यह दूसरे प" क" भी सुनो (audi alteram partem) "नयम के ""तमान का "नण"य-पूव" सुनवाई मानक है । हमने पाया "क इस वत"मान "करण म", "नधा"रती को सुनवाई का समु"चत अवसर नह"ं "दया गया था । अतः, हमारा अ"भमत है "क "नधा"रती को सुनवाई तथा उसके "करण को ""तुत करने का एक और अवसर "दया जाना चा"हए । अतः, हम यह अपील "वीकृत करते है । "नधा"रती को इस आदेश क" "ाि"त के दो माह के अंदर "व"वान आयकर आयु"त (अपील) के सम" ""तुत होने का "नद"श "दया जाता है । "व"वान आयकर आयु"त (अपील) को "नधा"रती को सुनवाई का उ"चत अवसर देने के प"चात "व"ध के अनुसार अपील "नण"यत करना चा"हए ।
प"रणामतः, "नधा"रती क" अपील सांि"यक"य उ"े"य" से "वीकृत क" जाती है ।
4 आ.अ.सं. 297/इ"दौर/2017 मे. अ"मत इंटर"ाईजेस, भोपाल
यह आदेश 30.05.2017 को खुले "यायालय म" उ"घो"षत "कया गया है।
ह"ता/- ह"ता/- (च""मोहन गग") (ओ.पी.मीना) "या"यक सद"य लेखा सद"य
"दनांक : 30.05.2017 ""त"ल"प : अपीलाथ", ""यथ", आयकर आयु"त (अपील), आयकर आयु"त, "वभागीय ""त"न"ध, गाड" फ़ाइल
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