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आयकर अपील�य अ�धकरण, इंदौर �यायपीठ, इंदौर
�ी डी.ट�. गरा�सया, �या�यक सद�य तथा �ी ओ.पी.मीना, लेखा सद�य के सम�
आ. अ. सं. 681 / इंदौर/ 2016 �नधा�रण वष� : 2012-13
बनाम �ी बे�रल �स�यू�रट�ज �ल. सहायक आयकर आयु�त इंदौर 1 (1), इंदौर अपीलाथ� ��यथ�
�था. ले. सं.: एएबीसीबी 2663 ए
अपीलाथ� क� ओर से : �ी सुभाष चंद जैन, सीए ��यथ� क� ओर से : �ी राजीब जैन, �वभागीय ��त�न�ध
05.01.2017 सुनवाई �त�थ : उ�घोषणा �त�थ : 05.01.2017 आदेश
�ी डी.ट�.गरा�सया, �या�यक सद�य �वारा
�नधा�रण वष� 2012-13 के �लए �नधा�रती �वारा यह अपील �व�वान आयकर आयु�त (अपील)-22, नई �द�ल� कै�प इंदौर ( आयकर आयु�त (अपील), इंदौर-2 क� समवत� अ�धका�रता धा�रत करते हुए) के आयकर अ�ध�नयम,1961 क� धारा 154 के अधीन पा�रत आदेश �दनांक 17.02.2016 के �व�� अपील के आधार� म� व�ण�त आधार� पर दा�खल क� गई है । यह अपील 59 �दन� से कालबा�धत है । �नधा�रती क� ओर से �वलंब क� माफ�
2 आ.अ.सं. 681/इ�दौर/2016 बे�रल �स�यू�र�टज �ल. इंदौर हेतु आवेदन दा�खल �कया गया है िजसम� �नधा�रती ने यह �नवेदन �कया है �क �व�वान आयकर आयु�त (अपील) के सम� यह �करण 16.02.2016 को �नयत �कया गया था िजसम� कंपनी का लेखापाल �ी उदयपाल धाकड़ उपि�थत हुआ तथा �थगन हेतु आवेदन दा�खल �कया था �यो�क �नधा�रती के अ�धव�ता शहर से बाहर थे परंतु आयकर आयु�त (अपील) ने सुनवाई क� अगल� तार�ख नह�ं बताई थी तथा उसे कहा क� सुनवाई नो�टस �नधा�रती कंपनी को भेजा जाएगा । य�य�प �नधा�रती कंपनी को कोई अगल� तार�ख �ा�त नह�ं हुई तथा यह अपील एक प�ीय �प से �नण�यत क� गई । त�प�चात आयकर उपायु�त 1(1) के इंसपे�टर से मांग रा�श जमा करने हेतु फोन आने पर �नधा�रती ने पूछताछ क� तथा 21 मई, 2016 के प�चात �नधा�रती को जानकार� �ा�त हुई �क आयकर आयु�त (अपील) �वारा इस अपील का �दनांक 17/02/2016 को �नपटान �कया गया था तथा क�थत अपील�य आदेश �नधा�रती के पूव� �बंधक, �ी आशीष बार�कर को 04.03.2016 को तामील �कया गया था । �ी आशीष बार�कर ने 07.03.2016 को नौकर� छोड़ द� थी । पूछताछ पर, �ी आशीष बार�कर ने बताया �क उसने आदेश �ा�त �कया था तथा इसे �नधा�रण वष� 2012-13 से संबं�धत लेखा/ आयकर क� फाईल म� रखा था । त�प�चात �नधा�रती ने उस आदेश को �नकालकर 59 �दन� के �वलंब के प�चात अपील दा�खल क�। �नधा�रती ने इन त�य� के समथ�न म� उसका, �ी आशीष बार�कर (पूव� �बंधक) तथा �ी उ�यलाल धाकड़ (लेखापाल) का शपथप� भी दा�खल �कया । �नधा�रती के अ�धव�ता ने �नवेदन �कया �क अपील दा�खल करने म� �वलंब अनाश�यत तथा स�ा�वक था तथा �नधा�रती के पास �वलंब क� माफ� हेतु पया�त वजह थी । दूसर� ओर �वभागीय ��त�न�ध ने �वलंब माफ करने हेतु �कये गये आवेदन का �वरोध �कया ।
हमने दोन� प�� क� ओर से �कए गए �नवेदन� तथा अ�भलेख पर उपल�ध साम�ी पर �वचार �कया है तथा पाया �क �नधा�रती के पास अपील दा�खल करने म� �वलंब को �प�ट
3 आ.अ.सं. 681/इ�दौर/2016 बे�रल �स�यू�र�टज �ल. इंदौर करने के �लए तक�संगत वजह थी । अतः हम अपील दा�खल करने म� �वलंब को माफ करते है तथा इस अपील को सुनवाई हेतु �वीकृत करते है ।
�करण के सं���त त�य ये ह� �क �व�वान आयकर आयु�त (अपील) के सम� यह �करण सुनवाई हेतु �दनांक 16.02.2016 को �नयत था तथा �नधा�रती �वारा �थगन हेतु आवेदन दा�खल �कया था �यो�क �नधा�रती के अ�धव�ता शहर से बाहर थे परंतु आयकर आयु�त (अपील) �वारा �नधा�रती कंपनी को कोई अगल� तार�ख सू�चत नह�ं क� गई। सुनवाई क� तार�ख पर �नधा�रती क� ओर से कोई उपि�थत नह� हुआ था जैसा �क आयकर आयु�त (अपील) के आदेश से �कट है । अतः �व�वान आयकर आयु�त (अपील) ने एक प�ीय सुनवाई करते हुए अ�भलेख क� साम�ी के आधार पर �नधा�रती क� अपील खा�रज क� है। अपील क� सुनवाई के दौरान, �व�वान �ा�धकृत ��त�न�ध ने इस �यायपीठ के सम� �नवेदन �कया �क �नधा�रती को सुनवाई का समु�चत अवसर �ा�त नह�ं हुआ है तथा उसने सुनवाई का एक अवसर देने का अनुरोध �कया । अतः, उसने इस अपील को पुनः�था�पत करने का अनुरोध �कया । दूसर� ओर, �व�वान �वभागीय ��त�न�ध ने आयकर आयु�त (अपील) के आदेश पर �नभ�रती रखी ।
हमने दोन� प�� को सुना तथा अ�भलेख पर उपल�ध साम�ी का अवलोकन �कया है । हमने पाया �क इस अपील क� सुनवाई म� �नधा�रती उपि�थत नह�ं रहा था । दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem) का �स�ांत �ाकृ�तक �याय क� मूलभूत अवधारणा है । पदबंध “दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem)” का अथ� है �क �कसी भी �यि�त को उसके �वयं का बचाव करने का अवसर �दया जाना चा�हए । यह �स�ांत ��येक समाज हेतु अ�नवाय� (sine qua non) है जैसे नो�टस का हक, �करण तथा सा�य ��तुत करने का हक, ��तकूल सा�य का खंडन करने का हक, ��त पर��ण का हक, �व�धक ��त�न�ध�व का हक, प� को सा�य �कटन, जांच क� �रपोट� अ�य प� को �दखाया जाना
4 आ.अ.सं. 681/इ�दौर/2016 बे�रल �स�यू�र�टज �ल. इंदौर और तक�पूण� �नण�य या सकारण आदेश । हमने पाया �क सुनवाई के हक को माननीय सव��च �यायालय �वारा मेनका गांधी बनाम यू�नयन ऑफ इि�डया (1978 एआईआर 597; 1 एससीसी 248) के �करण म� �नण�यत �कया गया है, िजसम� माननीय सव��च �यायालय ने अ�भधा�रत �कया है �क कोई भी आदेश पा�रत करने से पहले उ�चत सुनवाई का �नयम आव�यक है । हमने पाया �क यह दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem) �नयम के ��तमान का �नण�य-पूव� सुनवाई मानक है । हमने पाया �क इस वत�मान �करण म�, �नधा�रती को सुनवाई का समु�चत अवसर नह�ं �दया गया था । अतः, हमारा अ�भमत है �क �नधा�रती को सुनवाई तथा उसके �करण को ��तुत करने का एक और अवसर �दया जाना चा�हए । अतः, हम यह अपील �वीकृत करते है । �नधा�रती को इस आदेश क� �ाि�त के दो माह के अंदर �व�वान आयकर आयु�त (अपील) के सम� ��तुत होने का �नद�श �दया जाता है । �व�वान आयकर आयु�त (अपील) को �नधा�रती को सुनवाई का उ�चत अवसर देने के प�चात �व�ध के अनुसार अपील �नण�यत करना चा�हए ।
प�रणामतः, �नधा�रती क� अपील सांि�यक�य उ�े�य� से �वीकृत क� जाती है । यह आदेश 05.01.2017 को खुले �यायालय म� उ�घो�षत �कया गया है।
ह�ता/- ह�ता/- (ओ.पी.मीना) (डी.ट�.गरा�सया) लेखा सद�य �या�यक सद�य
�दनांक : 05.01.2017 ��त�ल�प : अपीलाथ�, ��यथ�, आयकर आयु�त (अपील), आयकर आयु�त, �वभागीय ��त�न�ध, गाड� फ़ाइल