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आदेश �ी ओ.पी.मीना, लेखा सद�य �वारा
�नधा�रण वष� 2009-10 के �लए �नधा�रती �वारा यह अपील �व�वान आयकर आयु�त (अपील)-II, इंदौर के आदेश �दनांक 31.01.2017 के �व�� अपील के आधार� म� व�ण�त आधार� पर दा�खल क� गई है ।
�करण के सं���त त�य ये ह� �क �नधा�रण अ�धकार� ने धारा 144 के अधीन �नधा�रण �दनांक 26.03.2015 को आयकर अ�ध�नयम क� धारा 68 के अधीन �. 18,46,300/- का प�रवध�न करते हुए पूण� �कया था । �नधा�रती ने �नधा�रण अ�धकार� �वारा
2 आ.अ.सं. 308/इंदौर/2017 �ी अशोक चौधर�, इंदौर उसे सुनवाई का पया�त अवसर �दए �बना धारा 144 के अधीन आदेश पा�रत करने पर आपि�त क� है । �नधा�रण अ�धकार� के आदेश से �य�थत होकर �नधा�रती �व�वान आयकर आयु�त (अपील) के सम� अपील म� गया िजसने एक प�ीय आदेश पा�रत करते हुए �नधा�रण अ�धकार� �वारा �कए गए प�रवध�न क� पुि�ट क� । इससे �य�थत होकर �नधा�रती अ�धकरण के सम� अपील म� है ।
इस अपील क� सुनवाई के दौरान �नधा�रती के �व�वान अ�धव�ता ने �नवेदन �कया �क �नधा�रण अ�धकार� धारा 144 के अधीन एक प�ीय आदेश पा�रत करके �. 18,46,300/- का प�रवध�न करने म� �यायसंगत नह�ं था �य��क �नधा�रती को उसके ब�क खाते म� �कए गए नकद जमा को �प�ट करने का उ�चत अवसर नह�ं �दया गया था । उसने इसके अ�त�र�त �नवेदन �कया �क �व�वान आयकर आयु�त (अपील) ने भी �नधा�रती को सुनवाई का अवसर �दए �बना एक प�ीय आदेश पा�रत करने म� भूल क� है । अतः �नधा�रती के �व�वान अ�धव�ता ने सुनवाई का एक अवसर देने का अनुरोध �कया । दूसर� ओर, �व�वान �वभागीय ��त�न�ध ने आयकर आयु�त (अपील) के आदेश पर �नभ�रती रखी ।
हमने दोन� प�� को सुना तथा अ�भलेख पर उपल�ध साम�ी का अवलोकन �कया है । �नधा�रण आदेश के अवलोकन पर यह पाया गया है �क इस �करण क� सुनवाई के दौरान �नधा�रती उपि�थत नह�ं रहा था । अतः यह मामला �नधा�रती क� अनुपि�थ�त म� �नण�यत �कया गया है । दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem) का �स�ांत �ाकृ�तक �याय क� मूलभूत अवधारणा है । पदबंध “दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem)” का अथ� है �क �कसी भी �यि�त को उसके �वयं का बचाव करने का अवसर �दया जाना चा�हए । यह �स�ांत ��येक समाज हेतु अ�नवाय� (sine qua non) है जैसे नो�टस का अ�धकार, �करण तथा सा�य ��तुत करने का अ�धकार, ��तकूल सा�य का खंडन करने
3 आ.अ.सं. 308/इंदौर/2017 �ी अशोक चौधर�, इंदौर का अ�धकार, ��त पर��ण का अ�धकार, �व�धक ��त�न�ध�व का अ�धकार, प� को सा�य �कटन, जांच क� �रपोट� अ�य प� को �दखाया जाना और तक�पूण� �नण�य या सकारण आदेश । हमने पाया �क सुनवाई के अ�धकार को माननीय सव��च �यायालय �वारा मेनका गांधी बनाम यू�नयन ऑफ इि�डया (1978 एआईआर 597; 1 एससीसी 248) के �करण म� �नण�यत �कया गया है, िजसम� माननीय सव��च �यायालय ने अ�भधा�रत �कया है �क कोई भी आदेश पा�रत करने से पहले उ�चत सुनवाई का �नयम आव�यक है । हमने पाया �क यह दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem) �नयम के ��तमान का �नण�य-पूव� सुनवाई मानक है । हमने पाया �क इस वत�मान �करण म�, �नधा�रती को सुनवाई का समु�चत अवसर नह�ं �दया गया था । अतः, हमारा अ�भमत है �क �नधा�रती को सुनवाई तथा उसके �करण को ��तुत करने का एक और अवसर �दया जाना चा�हए । अतः, हम यह अपील �वीकृत करते है । �नधा�रती को इस आदेश क� �ाि�त के दो माह के अंदर �नधा�रण अ�धकार� के सम� ��तुत होने का �नद�श �दया जाता है । �नधा�रण अ�धकार� को �नधा�रती को सुनवाई का उ�चत अवसर देने के प�चात �व�ध के अनुसार अपील �नण�यत करना चा�हए । 6. प�रणामतः, �नधा�रती क� अपील सांि�यक�य उ�े�य� से �वीकृत क� जाती है । यह आदेश 10.07.2017 को खुले �यायालय म� उ�घो�षत �कया गया है।
ह�ता/- ह�ता/- (च��मोहन गग�) (ओ.पी.मीना) �या�यक सद�य लेखा सद�य
�दनांक : 10.07.2017 ��त�ल�प : अपीलाथ�, ��यथ�, आयकर आयु�त (अपील), आयकर आयु�त, �वभागीय ��त�न�ध, गाड� फ़ाइल