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आदेश �ी ओ.पी.मीना, लेखा सद�य �वारा
�नधा�रण वष� 2011-12 के �लए �नधा�रती �वारा ये अपील� आयकर अ�ध�नयम, 1961 क� धारा 143 (3) तथा 271(1)(सी) के अधीन �व�वान आयकर आयु�त (अपील)-I, भोपाल के अलग-अलग आदेश� �मशः �दनांक 26.02.2016 तथा 29.02.2016 के �व�� अपील के आधार� म� व�ण�त आधार� पर दा�खल क� गई ह� ।
2 आ.अ.सं 859 तथा 860/इंदौर/2016 लखनलाल सोनी, भोपाल 2. �करण के सं���त त�य ये ह� �क �व�वान आयकर आयु�त (अपील) के सम� ये �करण सुनवाई हेतु अलग-अलग तार�ख� को �नयत थे । सुनवाई क� तार�ख� पर न तो �नधा�रती क� ओर से कोई उपि�थत हुआ न ह� कोई �यौर� दा�खल �कए गए जैसा �क आयकर आयु�त (अपील) के आदेश से �कट है । अतः �व�वान आयकर आयु�त (अपील) ने एक प�ीय �प से सुनवाई करते हुए �नधा�रती क� अपील� खा�रज क� है।
अपील क� सुनवाई के दौरान, �व�वान �ा�धकृत ��त�न�ध ने इस �यायपीठ के सम� �नवेदन �कया �क �व�वान आयकर आयु�त (अपील) �नधा�रती को सुनवाई का उ�चत अवसर नह�ं देने तथा एक प�ीय आदेश पा�रत करने म� �यायसंगत नह�ं था । अतः उसने �नधा�रती को सुनवाई का एक अवसर देने या तथा इन अपील� को गुणागुण पर �नण�यत करने हेतु आयकर आयु�त (अपील) क� फाईल म� पुनः�था�पत करने का अनुरोध �कया । दूसर� ओर, �व�वान �वभागीय ��त�न�ध ने आयकर आयु�त (अपील) के आदेश� पर �नभ�रता रखी ।
हमने दोन� प�� को सुना तथा अ�भलेख पर उपल�ध साम�ी का अवलोकन �कया है । हमने पाया �क इन अपील� क� सुनवाई म� �नधा�रती उपि�थत नह�ं रहा था जैसा �क �व�वान आयकर आयु�त (अपील) के आदेश� �दनांक 26.02.2016 तथा 29.02.2016 से �कट है । दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem) का �स�ांत �ाकृ�तक �याय क� मूलभूत अवधारणा है । पदबंध “दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem)” का अथ� है �क �कसी भी �यि�त को उसके �वयं का बचाव करने का अवसर �दया जाना चा�हए। यह �स�ांत ��येक समाज हेतु अ�नवाय� (sine qua non) है जैसे नो�टस का अ�धकार, �करण तथा सा�य ��तुत करने का अ�धकार, ��तकूल सा�य का खंडन करने का अ�धकार, ��त पर��ण का अ�धकार, �व�धक ��त�न�ध�व का अ�धकार, प� को सा�य �कटन, जांच क�
3 आ.अ.सं 859 तथा 860/इंदौर/2016 लखनलाल सोनी, भोपाल �रपोट� अ�य प� को �दखाया जाना और तक�पूण� �नण�य या सकारण आदेश । हमने पाया �क सुनवाई के अ�धकार को माननीय सव��च �यायालय �वारा मेनका गांधी बनाम यू�नयन ऑफ इि�डया (1978 एआईआर 597; 1 एससीसी 248) के �करण म� �नण�यत �कया गया है, िजसम� माननीय सव��च �यायालय ने अ�भधा�रत �कया है �क कोई भी आदेश पा�रत करने से पहले उ�चत सुनवाई का �नयम आव�यक है । हमने पाया �क यह दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem) �नयम के ��तमान का �नण�य-पूव� सुनवाई मानक है । हमने पाया �क इन वत�मान �करण� म�, �नधा�रती को सुनवाई का समु�चत अवसर नह�ं �दया गया था । अतः, हमारा अ�भमत है �क �नधा�रती को सुनवाई तथा उसके �करण� को ��तुत करने का एक और अवसर �दया जाना चा�हए । अतः, हम ये अपील� �वीकृत करते है । �नधा�रती को इस आदेश क� �ाि�त के दो माह के अंदर �व�वान आयकर आयु�त (अपील) के सम� ��तुत होने का �नद�श �दया जाता है । �व�वान आयकर आयु�त (अपील) को �नधा�रती को सुनवाई का उ�चत अवसर देने के प�चात �व�ध के अनुसार अपील� �नण�यत करना चा�हए ।
प�रणामतः, �नधा�रती क� अपील� सांि�यक�य उ�े�य� से �वीकृत क� जाती है । यह आदेश 28.07.2017 को खुले �यायालय म� उ�घो�षत �कया गया है।
ह�ता/- ह�ता/- (च��मोहन गग�) (ओ.पी.मीना) �या�यक सद�य लेखा सद�य
�दनांक : 28.07.2017 ��त�ल�प : अपीलाथ�, ��यथ�, आयकर आयु�त (अपील), आयकर आयु�त, �वभागीय ��त�न�ध, गाड� फ़ाइल