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आयकर अपील�य अ�धकरण, इंदौर �यायपीठ, इंदौर
�ी सी.एम.गग�, �या�यक सद�य तथा �ी ओ.पी.मीना, लेखा सद�य के सम�
आ. अ. सं. 476 / इंदौर/ 2017 �नधा�रण वष� : 2011-12
बनाम �ी राहूल ���सजन व�स� �ा.�ल. आयकर उपायु�त इंदौर 1 (1), इंदौर अपीलाथ� ��यथ�
�था. ले. सं. : एएबीसीआर 9979 एच
अपीलाथ� क� ओर से : �ी अजय तुलसीयान, सीए ��यथ� क� ओर से : �ी लाल चंद, �वभागीय ��त�न�ध
26.09.2017 सुनवाई �त�थ : उ�घोषणा �त�थ : 27.09.2017 आदेश
�ी सी.एम.गग�, �या�यक सद�य �वारा
�नधा�रण वष� 2011-12 के �लए �नधा�रती �वारा यह अपील �व�वान आयकर आयु�त (अपील)-II, इंदौर के आदेश �दनांक 03.04.2017 के �व�� अपील के आधार� म� व�ण�त आधार� पर दा�खल क� गई है ।
2 आ.अ.सं. 476/इ�दौर/2017 राहूल ���सजन व�स� �ा.�ल. इंदौर 2. �करण के सं���त त�य ये ह� �क �व�वान आयकर आयु�त (अपील) के सम� यह �करण सुनवाई हेतु अलग-अलग तार�ख� को �नयत था । सुनवाई क� तार�ख पर न तो �नधा�रती क� ओर से कोई उपि�थत हुआ न ह� ह� कोई �यौर� दा�खल �कए गए जैसा �क आयकर आयु�त (अपील) के आदेश से �कट है । अतः �व�वान आयकर आयु�त (अपील) ने एक प�ीय सुनवाई करते हुए अ�भलेख क� साम�ी के आधार पर �नधा�रती क� अपील खा�रज क� है।
अपील क� सुनवाई के दौरान, �व�वान �ा�धकृत ��त�न�ध ने इस �यायपीठ के सम� �नवेदन �कया �क �नधा�रती को सुनवाई का समु�चत अवसर �ा�त नह�ं हुआ है तथा उसने सुनवाई का एक अवसर देने का अनुरोध �कया । अतः, उसने इस अपील को पुनः�था�पत करने का अनुरोध �कया । दूसर� ओर, �व�वान �वभागीय ��त�न�ध ने आयकर आयु�त (अपील) के आदेश पर �नभ�रती रखी ।
हमने दोन� प�� को सुना तथा अ�भलेख पर उपल�ध साम�ी का अवलोकन �कया है । हमने पाया �क इस अपील क� सुनवाई म� �नधा�रती उपि�थत नह�ं रहा था । दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem) का �स�ांत �ाकृ�तक �याय क� मूलभूत अवधारणा है । पदबंध “दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem)” का अथ� है �क �कसी भी �यि�त को उसके �वयं का बचाव करने का अवसर �दया जाना चा�हए । यह �स�ांत ��येक समाज हेतु अ�नवाय� (sine qua non) है जैसे नो�टस का अ�धकार, �करण तथा सा�य ��तुत करने का अ�धकार, ��तकूल सा�य का खंडन करने का अ�धकार, ��त पर��ण का अ�धकार, �व�धक ��त�न�ध�व का अ�धकार, प� को सा�य �कटन, जांच क� �रपोट� अ�य प� को �दखाया जाना और तक�पूण� �नण�य या सकारण आदेश । हमने पाया �क सुनवाई के अ�धकार को माननीय सव��च �यायालय �वारा मेनका गांधी बनाम यू�नयन ऑफ इि�डया
3 आ.अ.सं. 476/इ�दौर/2017 राहूल ���सजन व�स� �ा.�ल. इंदौर (1978 एआईआर 597; 1 एससीसी 248) के �करण म� �नण�यत �कया गया है, िजसम� माननीय सव��च �यायालय ने अ�भधा�रत �कया है �क कोई भी आदेश पा�रत करने से पहले उ�चत सुनवाई का �नयम आव�यक है । हमने पाया �क यह दूसरे प� क� भी सुनो (audi alteram partem) �नयम के ��तमान का �नण�य-पूव� सुनवाई मानक है । हमने पाया �क इस वत�मान �करण म�, �नधा�रती को सुनवाई का समु�चत अवसर नह�ं �दया गया था । अतः, हमारा अ�भमत है �क �नधा�रती को सुनवाई तथा उसके �करण को ��तुत करने का एक और अवसर �दया जाना चा�हए । अतः, हम यह अपील �वीकृत करते है । �नधा�रती को इस आदेश क� �ाि�त के दो माह के अंदर �व�वान आयकर आयु�त (अपील) के सम� ��तुत होने का �नद�श �दया जाता है । �व�वान आयकर आयु�त (अपील) को �नधा�रती को सुनवाई का उ�चत अवसर देने के प�चात �व�ध के अनुसार अपील �नण�यत करना चा�हए ।
प�रणामतः, �नधा�रती क� अपील सांि�यक�य उ�े�य� से �वीकृत क� जाती है । यह आदेश 27.09.2017 को खुले �यायालय म� उ�घो�षत �कया गया है।
ह�ता/- ह�ता/- (ओ.पी.मीना) (सी.एम.गग�) लेखा सद�य �या�यक सद�य
�दनांक : 27.09.2017 ��त�ल�प : अपीलाथ�, ��यथ�, आयकर आयु�त (अपील), आयकर आयु�त, �वभागीय ��त�न�ध, गाड� फ़ाइल
सहायक पंजीकार