Facts
राजस्व द्वारा दाखिल अपील, आयकर आयुक्त (अपील) के आदेश के विरुद्ध थी। निर्धारिती के अधिवक्ता ने सीबीडीटी के परिपत्र सं. 9/2024 का हवाला दिया, जिसके अनुसार 60 लाख रुपये से कम कर प्रभाव वाली अपीलों पर विभाग को अपील दाखिल नहीं करनी चाहिए।
Held
अधिकरण ने माना कि वर्तमान मामले में विवादाधीन मुद्दों का कर प्रभाव 25,000/- रुपये है, जो सीबीडीटी द्वारा निर्धारित 60 लाख रुपये की सीमा से काफी कम है। इसलिए, परिपत्र के अनुसार विभाग को यह अपील दाखिल नहीं करनी चाहिए थी।
Key Issues
क्या सीबीडीटी के परिपत्र के जारी होने के बाद, निर्धारित कर सीमा से कम राशि वाली विभाग की अपील को स्वीकार किया जा सकता है?
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आयकर अपील�य अ�धकरण, इंदौर �यायपीठ, इंदौर �ी बी.एम.�बयाणी, लेखा सद�य तथा �ी परेश म. जोशी, �या�यक सद�य के सम� आ.अ.सं. 249/इंदौर/2025 �नधा�रण वष� : 2024-25 आयकर अ�धकार� 1(1), बनाम गीता शाह, इंदौर ईएच-3, �क�म नं.54, �वजय नगर, इंदौर अपीलाथ� ��यथ� �था.ले.सं.- बीबीएचपीएस 1578 �यू PAN-BBHPS1578Q राज�व क� ओर से �ी आशीष पोरवाल, व�र�ठ �वभागीय ��त�न�ध �नधा�रती क� ओर से सव�ी �हतेश �चमनानी तथा यश कुकरेजा, �ा�धकृत ��त�न�ध सुनवाई �त�थ 22.09.2025 उ�घोषणा �त�थ 22.09.2025 आदेश �ी परेश म.जोशी, �या�यक सद�य �वारा �नधा�रण वष� 2024-25 से संबं�धत राज�व �वारा दा�खल यह अपील �व�वान आयकर आयु�त (अपील), नेशनल फेसलेस अपील स�टर (एनएफएसी), नई �द�ल� के आदेश �दनांक 04.03.2025 के �व��ध �नदे�शत ह� ।
सुनवाई के दौरान, �नधा�रती के �व�वान अ�धव�ता ने हमारा �यान क���य ��य� कर बोड� �वारा जार� नवीनतम प�रप� सं. 9/2024 �दनांक 17.09.2024 क� ओर आक�ष�त �कया िजसके �वारा �वभाग �वारा अ�धकरण के सम� अपील दा�खल करने हेतु अंत��त �व�न�हत कर सीमा को संशो�धत कर 60 लाख �कया गया है । साथ ह� उपरो�त प�रप� के
आ.अ.सं. 249/इंदौर/2025 2 गीता शाह, इंदौर प�र�छेद सं. 4 के अनुसार आयकर अ�ध�नयम क� धारा 268 ए के अधीन द� गई शि�तय� के अनुपालन म� अ�धकरण के सम� �वभाग �वारा कोई अपील दा�खल नह�ं क� जानी चा�हए य�द कर �भाव �. 60 लाख से अ�धक नह�ं है । इसके अ�त�र�त इस प�रप� के प�र�छेद 5, जो �न�न �प से उ�धृत है, म� यह उि�ल�खत है �क यह अनुदेश लं�बत अपील� पर भी लागू होगा- “ यह संशोधन इस प�रप� के जार� होने क� तार�ख से लागू होगा । यह प�रप� इसके आगे माननीय सव��च �यायालय/उ�च �यायालय / अ�धकरण के सम� दा�खल एसएलपी/अपील� पर लागू होगा । यह सव��च �यायालय/उ�च �यायालय / अ�धकरण के सम� लं�बत एसएलपी/अपील� पर भी लागू होगा िज�ह� त�नुसार वा�पस �लया �लया जाए । ” 3. �नधा�रती के �व�वान अ�धव�ता ने �नवेदन �कया �क वत�मान अपील म� कर �भाव �व�न�हत सीमा से कम है एवं यह �करण अपवाद खंड (Exemption Clause) के अधीन भी नह�ं आता है । अतः सी.बी.डी.ट� �वारा जार� प�रप� �दनांक 17.09.2024 क� �ि�ट म� �वभाग �वारा दा�खल यह अपील खा�रज करने यो�य ह� ।
�व�वान �वभागीय ��त�न�ध अ�भलेख पर कोई ��तकूल साम�ी लाकर उपरो�त त�य का खंडन नह�ं कर सक� । 5. हमने दोन� ओर के �व�वान ��त�न�धय� के �नवेदन� पर �वचार �कया है तथा अ�भलेख पर उपल�ध साम�ी का अ�ययन �कया है । हमने पाया �क क���य ��य� कर बोड� �वारा प�रप� सं. 9/2024 �दनांक 17.09.2024 के �वारा अ�धकरण के सम� अपील दा�खल करने हेतु अंत��त �व�न�हत कर सीमा को संशो�धत कर 60 लाख �कया गया है । हमने पाया �क आ�े�पत �करण म� �ववादाधीन मु�द� म� कर �भाव �. 25,000/- है जो सीबीडीट� �वारा अ�धकरण के सम� अपील दा�खल करने हेतु �व�न�हत सीमा �. 60 लाख से कम है । अतः प�रप� के अनुसार राज�व को इस अपील पर दबाव डालना अपे��त नह�ं है ।
आ.अ.सं. 249/इंदौर/2025 3 गीता शाह, इंदौर त�नुसार, �वभाग �वारा दा�खल वत�मान अपील खा�रज करने यो�य है । अतः, हम राज�व �वारा दा�खल अपील को �करण के गुणागुण पर �वचार �कए �बना आरंभतः खा�रज करते ह� । य�य�प, �यायो�चत �ि�ट से यहाँ यह �प�ट �कया जाता है �क राज�व �व�वध आवेदन (एमए) दा�खल करने के �लए �वतं� है य�द यह �करण अपवाद खंड (exception clause) के अधीन आता है ।
प�रणामतः, राज�व क� अपील खा�रज क� जाती है । यह आदेश 22.09.2025 को सुनवाई के प�चात खुले �यायालय म� उ�घो�षत �कया गया तथा त�प�चात �ल�खत आदेश पा�रत �कया गया ।
ह�ता/- ह�ता/- (बी.एम. �बयाणी) (परेश म. जोशी) लेखा सद�य �या�यक सद�य �दनांक : 22.09.2025 ��त�ल�प : अपीलाथ�, ��यथ�, आयकर आयु�त (अपील), आयकर आयु�त, �वभागीय ��त�न�ध, गाड� फाईल