No AI summary yet for this case.
आदेश �ी मनीष बोरड, लेखा सद�य �वारा ये अपील� राज�व �वारा अलग-अलग �नधा�रण वष� से संबं�धत आयकर आयु�त (अपील) के अलग-अलग आदेश� के �व��द दा�खल क� गई ह� ।
सुनवाई के दौरान, संबं�धत �नधा�र�तय� के �व�वान अ�धव�ता ने �नवेदन �कया है �क इन अपील� म� कर �भाव �व�न�हत सीमा से कम है अतः सी.बी.डी.ट� �वारा जार� अनुदेश� तथा �व�भ�न उ�च �यायालय� तथा सव��च �यायालय के �नण�य� क� �ि�ट म� �वभाग को ये अपील� दा�खल नह�ं करना चा�हए थी ।
�व�वान �वभागीय ��त�न�ध अ�भलेख पर कोई ��तकूल साम�ी लाकर इस त�य का खंडन नह�ं कर सके ।
3 आ.अ.सं. 111/इंदौर/2018 तथा अ�य �ी सुधीर जैन, इंदौर तथा अ�य 4. हमने अ�भलेख का अ�ययन �कया है । हमने पाया �क क���य ��य� कर बोड� के प�रप� सं. 3/2018 �दनांक 11.07.2018 के अनुसार �वभाग �वारा अ�धकरण के सम� अपील दा�खल करने हेतु अंत��त �व�न�हत कर सीमा 20 लाख थी िजसे क���य ��य� कर बोड� के प�रप� सं. 17/2019 �दनांक 08.08.2019 �वारा संशो�धत कर �. 50 लाख कर �दया गया है तथा पूव� प�रप� सं. 3/2018 �दनांक 11.07.2018 के प�र�छेद सं. 5 क� �वसंग�त को हटाया गया है । क���य ��य� कर बोड� के प�रप� सं. 17/2019 �दनांक 08.08.2019 के अनुसार आयकर अ�ध�नयम क� धारा 268 ए के अधीन द� गई शि�तय� के अनुपालन म� अ�धकरण के सम� कोई अपील दा�खल नह�ं क� जानी चा�हए य�द कर �भाव �. 50 लाख से अ�धक नह�ं है । इस संबंध म� “कर �भाव” का अथ� �नधा�रत कुल आय पर कर तथा उस कर के बीच का अंतर है जो �भाय� होता य�द कुल आय म� से उन मु�� से संबं�धत आय, िजनके �व��द अपील दा�खल करना आश�यत है, को घटाया गया होता । यह प�रप� इसके अ�त�र�त कथन करता है �क कर म� उस पर कोई �याज शा�मल नह�ं होगा, �सवाए उसके जहाँ �याज क� �भाय�ता �वयं ह� �ववादाधीन है । हमने इसके अ�त�र�त पाया �क प�रप� के प�र�छेद 13, जो �न�न �प से उ�ृत है, म� यह उि�ल�खत है �क यह अनुदेश लं�बत अपील� पर भी लागू होगा ।
यह प�रप� इसके आगे माननीय सव��च �यायालय/उ�च �यायालय / अ�धकरण के सम� दा�खल एसएलपी/अपील�/��या�ेप�/ संदभ� पर लागू होगा और यह भूतल�ी �प से लं�बत एसएलपी/अपील�/��या�ेप�/ संदभ� पर लागू होगा । ऊपर प�र�छेद 3 म� �व�न�द�ट कर सीमा के नीचे क� लं�बत अपील को वा�पस �लया जाए/ दबाव नह�ं डाला जाए ।
आ�े�पत �करण� म�, हमने पाया �क �ववादाधीन मु�� म� कर �भाव �. 50 लाख से अ�धक नह�ं है । इस त�य क� �ि�ट म�, अनुदेश के अनुसार राज�व को इन अपील� पर दबाव डालना अपे��त नह�ं है । अतः, हम राज�व �वारा दा�खल अपील� को �करण के गुणागुण पर �वचार �कए �बना आरंभतः खा�रज करते है �य��क हमारे मत से सीबीडीट� �वारा जार� प�रप� अ�ध�नयम क� धारा 268ए(1) के उपबंध� क� �ि�ट म� �वभागीय अ�धका�रय� के �लए अ�नवाय� है । माननीय सव��च �यायालय �वारा नवनीत लाल झवेर� बनाम एएसी 56 आईट�आर 198
4 आ.अ.सं. 111/इंदौर/2018 तथा अ�य �ी सुधीर जैन, इंदौर तथा अ�य (एससी) �करण म� क�थत �ि�टकोण �लया गया है । माननीय सव��च �यायालय ने डायरे�टर ऑफ इंकम टै�स बनाम एस.आर.एम.बी डेयर� फा�म�ग (�ा) �ल. के �करण म� �स�वल अपील सं. 19650/2017 म� राज�व क� अपील खा�रज करते समय आयकर आयु�त से��ल-III बनाम सूया� हब�स �ल. के �करण म� सव��च �यायालय के तीन �यायाधीश �यायपीठ �नण�य का अनुसरण �कया है और अ�भधा�रत �कया है �क प�रप� लं�बत मामल� पर भी लागू होगा । त�नुसार, हम राज�व �वारा दा�खल अपील� पोषणीय नह�ं होने के कारण खा�रज करते ह� । यहाँ यह �प�ट �कया जाता है �क राज�व �व�वध आवेदन (एमए) दा�खल करने के �लए �वतं� है य�द ये �करण अपवाद खंड (exception clause) के अधीन आते ह� ।
प�रणामतः, राज�व क� अपील� खा�रज क� जाती है ।
आदेश 14.08.2019 को खुले �यायालय म� उ�घो�षत �कया गया है ।
ह�ता/- ह�ता/- (कुल भारत) (मनीष बोरड) �या�यक सद�य लेखा सद�य �दनांक : 14.08.2019 ��त�ल�प : अपीलाथ�, ��यथ�, आयकर आयु�त (अपील), आयकर आयु�त, �वभागीय ��त�न�ध, गाड� फ़ाइल